Bhagavad Gita Quotes In Hindi: श्रीमद्भागवत गीता सिर्फ एक धार्मिक किताब नहीं है बल्कि यह जीवन जीने की कला सिखाती है। इसमें भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिए वो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने हज़ारों साल पहले थे। गीता की शिक्षाएं हमें बताती हैं कि कैसे हम अपनी परेशानियों का सामना करें, कैसे सही और गलत में फर्क करें और कैसे एक अच्छी ज़िंदगी जिएं। आज हम आपको गीता की 18 ऐसी बातें बताएंगे जो आपकी ज़िंदगी को बदल सकती हैं।
प्रश्न 1: जवानी में जितने ज़्यादा पाप किए हैं उसे बुढ़ापे में भोगना पड़ता है, यह गीता में क्या कहा गया है?
Answer: श्रीमद्भागवत गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं कि हर कर्म का फल मिलता है। जो इंसान जवानी में गलत काम करता है, झूठ बोलता है, दूसरों को धोखा देता है या बुरे काम करता है, उसे बुढ़ापे में इसका फल भोगना पड़ता है। कर्म का हिसाब कभी चुकता नहीं होता। इसलिए गीता सिखाती है कि हर उम्र में अच्छे कर्म करो क्योंकि बुरे कर्म का फल बहुत भयानक होता है।
प्रश्न 2: गीता में क्रोध के बारे में क्या कहा गया है?
Answer: गीता में कहा गया है कि क्रोध इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है। क्रोध से बुद्धि नष्ट हो जाती है और इंसान गलत फैसले ले लेता है। जो इंसान अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाता वो अपनी ही ज़िंदगी बर्बाद कर लेता है। इसलिए हमेशा शांत रहो और किसी भी परिस्थिति में अपना आपा मत खोओ।
प्रश्न 3: गीता कर्म के बारे में क्या सिखाती है?
Answer: गीता की सबसे मशहूर शिक्षा है कर्म करो, फल की चिंता मत करो। इसका मतलब है कि तुम्हें अपना काम पूरी ईमानदारी और मेहनत से करना चाहिए लेकिन नतीजे के बारे में सोचकर परेशान नहीं होना चाहिए। अगर तुमने अच्छा काम किया है तो अच्छा फल ज़रूर मिलेगा, बस धैर्य रखो।
प्रश्न 4: गीता में मोह के बारे में क्या बताया गया है?
Answer: गीता कहती है कि मोह यानी किसी चीज़ या व्यक्ति से ज़रूरत से ज़्यादा लगाव दुख का कारण बनता है। इस दुनिया में कुछ भी स्थाई नहीं है, सब कुछ बदलता रहता है। अगर तुम किसी से बहुत ज़्यादा जुड़ जाओगे तो जब वो चीज़ या व्यक्ति तुमसे दूर होगा तो तुम्हें बहुत दुख होगा। इसलिए प्यार करो लेकिन मोह मत पालो।
प्रश्न 5: गीता में डर के बारे में क्या लिखा है?
Answer: गीता में कहा गया है कि जो इंसान डरता है वो कभी आगे नहीं बढ़ सकता। डर तुम्हारे अंदर की ताकत को खत्म कर देता है। अर्जुन जब युद्ध से डर गया था तब भगवान कृष्ण ने उसे समझाया कि जो सही है उसके लिए लड़ना कोई पाप नहीं है। इसलिए डर को छोड़ो और हिम्मत से अपने कर्तव्य को निभाओ।
प्रश्न 6: गीता में लालच के बारे में क्या बताया गया है?
Answer: लालच इंसान को कभी संतुष्ट नहीं होने देता। गीता कहती है कि जितना ज़रूरी है उतना ही लो, ज़रूरत से ज़्यादा चीज़ें इकट्ठा करना पाप है। लालची इंसान कभी खुश नहीं रहता क्योंकि उसे हमेशा और चाहिए होता है। संतोष से जियो और जो तुम्हारे पास है उसमें खुश रहो।
प्रश्न 7: गीता में धर्म के बारे में क्या कहा गया है?
Answer: गीता में धर्म का मतलब सिर्फ पूजा पाठ करना नहीं है। धर्म का मतलब है सही रास्ते पर चलना, सच बोलना, दूसरों की मदद करना और अपने कर्तव्य को पूरा करना। जो इंसान अपना धर्म निभाता है वो भगवान को सबसे प्यारा होता है।
प्रश्न 8: गीता में मृत्यु के बारे में क्या लिखा है?
Answer: गीता कहती है कि मृत्यु से डरो मत क्योंकि आत्मा कभी मरती नहीं। जैसे हम पुराने कपड़े बदलते हैं वैसे ही आत्मा एक शरीर को छोड़कर दूसरे शरीर में जाती है। मृत्यु जीवन का अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। इसलिए मृत्यु के डर से मुक्त होकर जियो।
प्रश्न 9: गीता में काम और वासना के बारे में क्या बताया गया है?
Answer: गीता कहती है कि काम और वासना इंसान को भटका देती है। जो इंसान अपनी इच्छाओं का गुलाम बन जाता है वो अपना जीवन बर्बाद कर लेता है। इंद्रियों पर काबू रखो और अपने मन को शुद्ध रखो। यही सच्ची ताकत है।
प्रश्न 10: गीता में मित्रता के बारे में क्या कहा गया है?
Answer: गीता कहती है कि सच्चा मित्र वो है जो तुम्हारे बुरे वक्त में साथ खड़ा रहे। जो सिर्फ अच्छे समय में साथ रहते हैं वो सच्चे दोस्त नहीं होते। भगवान कृष्ण और अर्जुन की दोस्ती सच्ची मित्रता का सबसे बड़ा उदाहरण है।
प्रश्न 11: गीता में ज्ञान के बारे में क्या लिखा है?
Answer: गीता में कहा गया है कि ज्ञान सबसे बड़ी संपत्ति है। जो इंसान ज्ञानी है वो कभी भटकता नहीं। सच्चा ज्ञान वो है जो तुम्हें सही और गलत में फर्क करना सिखाए। इसलिए हमेशा सीखते रहो और अपने ज्ञान को बढ़ाते रहो।
प्रश्न 12: गीता में अहंकार के बारे में क्या बताया गया है?
Answer: अहंकार यानी घमंड इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है। गीता कहती है कि जो इंसान अहंकार में जीता है वो एक दिन ज़रूर गिरता है। विनम्र रहो और याद रखो कि तुम जो कुछ भी हो भगवान की कृपा से हो। अहंकार छोड़ो और सबका सम्मान करो।
प्रश्न 13: गीता में सुख और दुख के बारे में क्या कहा गया है?
Answer: गीता कहती है कि सुख और दुख आते जाते रहते हैं जैसे मौसम बदलते हैं। गर्मी के बाद ठंड आती है और ठंड के बाद गर्मी। ऐसे ही जीवन में सुख के बाद दुख और दुख के बाद सुख आता है। इसलिए न सुख में ज़्यादा खुश होओ और न दुख में ज़्यादा दुखी। दोनों को समान भाव से स्वीकार करो।
प्रश्न 14: गीता में समय के बारे में क्या बताया गया है?
Answer: गीता कहती है कि समय सबसे बड़ी ताकत है। जो बीत गया उसे भूल जाओ और जो आने वाला है उसकी चिंता मत करो। जो समय अभी चल रहा है उसी में जियो। समय का सदुपयोग करो क्योंकि एक बार गया समय कभी वापस नहीं आता।
प्रश्न 15: गीता में संगति के बारे में क्या लिखा है?
Answer: गीता कहती है कि तुम जैसे लोगों के साथ रहोगे वैसे ही बन जाओगे। अच्छे लोगों की संगति तुम्हें अच्छा बनाएगी और बुरे लोगों की संगति तुम्हें बर्बाद कर देगी। इसलिए हमेशा अच्छे और सकारात्मक लोगों के साथ रहो।
प्रश्न 16: गीता में क्षमा के बारे में क्या कहा गया है?
Answer: गीता कहती है कि क्षमा करना सबसे बड़ी ताकत है। जो इंसान दूसरों की गलतियों को माफ कर देता है वो सच्चा महान है। बदला लेने से दुख बढ़ता है लेकिन माफ करने से मन को शांति मिलती है। इसलिए दूसरों की गलतियों को माफ करो और आगे बढ़ो।
प्रश्न 17: गीता में श्रम के बारे में क्या बताया गया है?
Answer: गीता कहती है कि मेहनत से बड़ा कोई धर्म नहीं। जो इंसान मेहनत करता है उसे कभी भूखा नहीं रहना पड़ता। आलस छोड़ो और काम करो। तुम्हारी मेहनत कभी बेकार नहीं जाती, एक न एक दिन उसका फल ज़रूर मिलता है।
प्रश्न 18: गीता में भक्ति के बारे में क्या लिखा है?
Answer: गीता की सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा है कि भगवान पर भरोसा रखो। जो इंसान सच्चे मन से भगवान की भक्ति करता है उसे कभी कोई परेशानी नहीं होती। भगवान हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। इसलिए अपने कर्म करो और भगवान पर भरोसा रखो, वो सब ठीक कर देंगे।
Disclaimer: यह आर्टिकल श्रीमद्भागवत गीता की शिक्षाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य लोगों को जीवन जीने की सही राह दिखाना है। गीता एक पवित्र धार्मिक ग्रंथ है और इसकी शिक्षाएं सभी धर्मों के लोगों के लिए उपयोगी हैं। यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी और प्रेरणा देने के मकसद से लिखा गया है। गीता को समझने के लिए इसे पूरा पढ़ना और किसी जानकार से मार्गदर्शन लेना बेहतर होता है।